नथी लिमड़ा ना आटला पांदडा मा एक पान एक सरखु
आम्बा मा आवति केरी मा एक सरखि केरी नथी होती
अरे।
दुनिया मा चेहरा सरखा नथी जणाता कोई ना
अरे वात तो त्या सुधि के
हाथ ना आंगुठा नि छाप एक सरखि नथी।
केवि रे ठाकोर तारी रचना